हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने 27 वर्षीय कविता नागार्जुन की संदिग्ध मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका का निर्देश सहित न…और पढ़ें

HighLights
- जबलपुर हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच याचिका का किया निपटारा
- एसपी को शिकायत पर सुनवाई कर विधिसम्मत निर्णय लेने के निर्देश
- पिता का आरोप, विधि स्नातक बेटी की दहेज हत्या को हादसे का रूप दिया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने 27 वर्षीय कविता नागार्जुन की संदिग्ध मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका का निर्देश सहित निराकरण कर दिया। इसके अंतर्गत जबलपुर पुलिस अधीक्षक को याचिकाकर्ता पी दक्षिणामूर्ति की शिकायत पर सुनवाई कर विधिसम्मत निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा है कि शिकायत का निराकरण करते समय याचिकाकर्ता को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाए। यदि शिकायत का संतोषजनक निराकरण नहीं होता है तो वे दोबारा हाई कोर्ट की शरण ले सकते हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका का पटाक्षेप कर दिया।
चेन्नई निवासी पिता ने लगाए गंभीर आरोप, बेटी की मौत को बताया दहेज हत्या
चेन्नई निवासी पी. दक्षिणामूर्ति ने अधिवक्ताओं मनीष वर्मा, विनोद सिसोदिया, डीसी सागर व निधि सोनकर के माध्यम से याचिका दायर कर बेटी कविता की मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी। उनका आरोप है कि 27 वर्षीय विधि स्नातक कविता की दहेज हत्या हुई, जबकि घटना को हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया। याचिका में पुलिस जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए गए।
याचिका के प्रमुख बिंदु :
- कविता नागार्जुन की मौत को दहेज हत्या बताया गया।
- पति मेजर डॉ. ओम नागार्जुन पर गंभीर आरोप लगाए गए।
- मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई।
- जैक आरआरसी ऑफिसर्स मेस से अस्पताल की पांच मिनट की दूरी तय करने में दो घंटे 39 मिनट लगने पर सवाल उठाए गए।
- एक वर्ष बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया।
- पुलिस द्वारा शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई।
- हाई कोर्ट ने फिलहाल एसपी को शिकायत का विधिसम्मत निराकरण करने के निर्देश दिए।
- शिकायत के निराकरण से असंतुष्ट होने पर दोबारा हाई कोर्ट आने की स्वतंत्रता दी गई।
