स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा विभाग ने गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न शिक्षकों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है।

HighLights
- गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न पाए जाने पर होगी कार्रवाई
- मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में उपस्थित होने के निर्देश
- अटैचमेंट या संलग्नीकरण को तत्काल समाप्त किया जाए
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। भोपाल से प्राप्त निर्देशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों का विभिन्न कार्यालयों, संस्थाओं अथवा अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्नीकरण किया गया था, उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर उनकी मूल पदस्थापना वाले विद्यालयों में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
कोई शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न मिला तो कठोर कार्रवाई
जारी आदेश में कहा गया है कि यदि इसके बाद भी कोई शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न पाया जाता है तो संबंधित शिक्षक के साथ-साथ शाला प्रभारी, संकुल प्राचार्य, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (एईओ) तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के विरुद्ध भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संलग्नीकरण को तत्काल समाप्त किया जाए
विभाग ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों को निर्देशित किया है कि विशेष रूप से चयनित शासकीय कार्यों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के अटैचमेंट या संलग्नीकरण को तत्काल समाप्त किया जाए।
विभिन्न कार्यों में लगे होने का हवाला देकर विद्यालयों से अनुपस्थित रहते हैं
शिक्षा विभाग के अनुसार कई मामलों में यह देखा गया है कि कुछ शिक्षक विभिन्न कार्यों में लगे होने का हवाला देकर विद्यालयों से अनुपस्थित रहते हैं, जबकि संबंधित कार्य अल्प अवधि के होते हैं।
पढ़ाई प्रभावित होती है, विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है
विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होती है और विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है। विशेष रूप से गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की अनुपस्थिति से छात्रों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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