रायसेन जिले के छोटे से गांव सेमरी की रहने वाली अंजना यादव ने 27 मई 2026 की सुबह 5:24 बजे दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहा …और पढ़ें

HighLights
- अंजना यादव ने 27 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह किया
- अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अंजना मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले गांव सेमरी की रहने वाली हैं
- जांबाज बेटी 1 जून को भारत वापस लौट रही है, जिसके स्वागत के लिए पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायसेन। मजबूत इरादे और हौसले बुलंद हों, तो कोई भी चोटी ऊंची नहीं होती। इसे सच कर दिखाया है रायसेन जिले की ग्रामीण अंचल से निकली बेटी अंजना यादव ने। एक बेहद साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मी अंजना ने अपनी अथक मेहनत, साहस और अटूट दृढ़ संकल्प के बल पर दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर पर भारत का गौरवशाली तिरंगा फहरा दिया है।
रायसेन जिले के सांची विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरी की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही अंजना यादव ने 27 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर तिरंगा फहराया और देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
सेना के शौर्य को किया नमन
एक साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचना उनकी अथक मेहनत, साहस और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इसके पूर्व अंजना यादव ने ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूर्ण होने पर 6119 मीटर ऊंची लाबुचे पीक पर ऑपरेशन सिंदूर का बैनर लहराकर भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया था।
‘माँ के नाम एक पेड़’ अभियान का संदेश भी दिया
अंजना यादव ने अपने अभियान के माध्यम से ‘फिट इंडिया, हिट इंडिया’ का संदेश देते हुए लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘माँ के नाम एक पेड़’ अभियान का संदेश भी दिया और सभी नागरिकों से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने का आग्रह किया।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और देशवासियों का जताया आभार
अंजना यादव ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रोत्साहन, सहयोग एवं मार्गदर्शन को देते हुए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। अंजना यादव ने देशवासियों, अपने परिवार, माता-पिता, मित्रों, समर्थकों तथा उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया।
बेटियों के लिए बनीं मिसाल
अंजना यादव की यह सफलता विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। एवरेस्ट विजय के बाद अंजना यादव 1 जून 2026 को भारत वापस लौट रही हैं, जहाँ उनके भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
