ब्राह्मण बेटियों को लेकर विवादित बयान देने वाले आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को मिड करियर ट्रेनिंग के लिए राज्य सरकार मसूरी नहीं भेजेगी। …और पढ़ें

HighLights
- विवादित बयान देने वाले IAS संतोष वर्मा को मसूरी नहीं भेजेगी सरकार
- केंद्र के पास लंबित कार्रवाई के प्रस्ताव के कारण ट्रेनिंग पर लगी रोक
- जल संकट और गेहूं उपार्जन के चलते जिलों के कलेक्टर्स भी नहीं जाएंगे
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। ब्राह्मण बेटियों को लेकर विवादित बयान देने वाले आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को मिड करियर ट्रेनिंग के लिए राज्य सरकार मसूरी नहीं भेजेगी। उन पर लगे आरोपों के बाद कार्रवाई के लिए केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव विचाराधीन होने के कारण वर्मा ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) के लिए नहीं जा पाएंगे। दरअसल, मिड करियर ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लवासना) आईएएस अधिकारियों को नामांकित करता है लेकिन इन्हें ट्रेनिंग के लिए भेजना या नहीं भेजना राज्य शासन के ऊपर निर्भर करता है।
ऐसे आईएएस अधिकारी, जिनकी सर्विस नौ और 12 वर्ष की हो जाती है, उन्हें ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। इस बार जिन अधिकारियों की सर्विस को 12 साल हो गए हैं, उन पात्र अधिकारियों की ट्रेनिंग के लिए लवासना ने नामों की सूची राज्य शासन को भेजी थी, उनमें वर्मा का नाम भी शामिल है। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अधिकारियों को ट्रेनिंग पर भेजने से पहले मुख्यमंत्री से भी अनुमोदन लिया जाता है। इसके बाद ही निर्धारित होता है कि किसे ट्रेनिंग के लिए भेजा जाना है।
स्कूल खुलने, गेहूं उपार्जन और जल संकट के चलते कलेक्टर नहीं भेजे जाएंगे
15 जून से 10 जुलाई तक मसूरी में चौथे फेज की मिड करियर ट्रेनिंग होनी है। प्रदेश में स्कूल खुलने का समय नजदीक आ गया है। वहीं वर्तमान में गेहूं का उपार्जन भी चल रहा है। इसके अलावा प्रदेश में जल संकट भी बना हुआ है। इस तमाम वजह से जिलों के कलेक्टर मिड करियर ट्रेनिंग के लिए नहीं जा पाएंगे। अधिकारियों को ट्रेनिंग पर भेजने के लिए पांच जून के आसपास प्रस्ताव मुख्य सचिव फिर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि अधिकारियों के ट्रेनिंग पर जाने से कहीं स्थानीय व्यवस्था प्रभावित न हो।
लवासना ने मसूरी ट्रेनिंग के लिए 46 आईएएस अधिकारी किए नामांकित
मसूरी में सुशासन की ट्रेनिंग के लिए प्रदेश के 46 आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें 2012 बैच के 20 अधिकारी हैं तो 2011 बैच के 11 अधिकारी, 2010 के आठ, 2009 के चार और 2004 व 2008 बैच के तीन अधिकारियों को बुलाया गया है। इनमें सागर, धार, ग्वालियर, पन्ना, रीवा कलेक्टर व उज्जैन कमिश्नर के भी नाम हैं।
