नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के वन क्षेत्रों में चल रहे त्रि-दिवसीय ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना अभियान के दूसरे दिन, 23 मई को भी मैदानी अमला पूरी मुस्तैदी के साथ जुटा रहा। आधुनिक गरुड़ ऐप के माध्यम से की जा रही इस डिजिटल गणना के दूसरे दिन वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्रों में शनिवार को कुल 12 गिद्ध दर्ज किए गए हैं, जो सभी के सभी सफेद इजिप्शियन गिद्ध प्रजाति के पाए गए हैं।
दूरबीन के साथ अलसुबह खोज, यहां मिले गिद्ध
अभियान के तय नियमों के मुताबिक शनिवार को अलसुबह ही वनकर्मी आधुनिक दूरबीन और आवश्यक उपकरण लेकर जंगलों में पहुंच गए थे। दूरबीन की मदद से पेड़ों की ऊंची शाखाओं और चट्टानों पर पैनी नजर रखी गई।
इस खोज के दौरान करेली वन परिक्षेत्र एक बार फिर गिद्धों की हलचल का मुख्य केंद्र बना रहा। यहां की दिलहरी बीट में सबसे ज्यादा 6 गिद्ध एक साथ बैठे हुए नजर आए, जबकि करेली रेंज की ही ग्वारी बीट में भी 5 गिद्धों की मौजूदगी दर्ज की गई।
इसके अलावा गाडरवारा वन परिक्षेत्र की प्रेमपुर बीट में भी वनकर्मियों को एक गिद्ध दिखाई दिया, जिसे ऐप में रिकॉर्ड किया गया। यह गिद्ध एक पोखर के किनारे बैठा हुआ था। इस तरह दूसरे दिन का आंकड़ा कुल 12 गिद्धों पर पहुंचा।
नहीं मिला कोई नया घोंसला
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जहां गणना के पहले दिन सिंगोड़ी बीट में दो गिद्धों के साथ एक घोंसला भी मिला था, वहीं दूसरे दिन सघन छानबीन और दूरबीन से की गई निगरानी के बाद भी जिले के किसी भी वन क्षेत्र से नया घोंसला मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
सिर्फ बैठे हुए गिद्धों को ही गिनने के वैज्ञानिक मापदंडों के कारण आंकड़ों की शुद्धता पूरी तरह बनी हुई है। डीएफओ डॉ. कल्पना तिवारी के मार्गदर्शन में वनकर्मी लगातार मुस्तैद हैं।
24 मई के नतीजों पर टिकी
दो दिनों के मिले-जुले और उत्साहजनक आंकड़ों के बाद अब वन विभाग की नजरें अभियान के अंतिम और तीसरे दिन यानी 24 मई के नतीजों पर टिकी हैं, जिससे जिले में गिद्धों की वास्तविक स्थिति का अंतिम डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सके।
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