नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ के समक्ष समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। आवेदक का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने रखा। राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने भोपाल से केस डायरी मंगवाने समय मांगा।
कोर्ट ने आज ढाई बजे तक का समय दिया। केस डायरी आने के बाद पुनः सुनवाई होगी। मामला पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के पुत्र पर आरोप से संबंधित है। नोयडा की त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी।
भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू त्विषा शर्मा की मौत के मामले में आरोपित बनाए गए पति समर्थ सिंह ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन पेश किया है। समर्थ पर मृतका पत्नी त्विषा को प्रताड़ित करने के आरोप हैं।
मामले पर आज सुनवाई होगी
जमानत आवेदन में पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की गई है। इससे पहले भोपाल की कोर्ट ने 18 मई को आरोपित पति समर्थ सिंह को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।
आरोप अनर्गल हैं और केस झूठा है
समर्थ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेन्द्र सिंह हाई कोर्ट में पैरवी करेंगे। उन्होंने अवगत कराया कि आरोप अनर्गल हैं और केस झूठा है। वाट्सएप चैट में प्रताड़ना और दहेज की कहीं भी कोई भी बात नहीं है। चैट को एडिट किया जा सकता है।
साढ़े चार माह की शादी में पांच बार मायके गई
उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना को नाटकीय मोड़ दिया गया है। दावा किया कि साढ़े चार माह की शादी में त्विषा पांच बार मायके गई। मायके से वापस आने पर ही उसके व्यवहार में बदलाव आता था।
अपराध दर्ज होने के बाद से फरार है समर्थ
भोपाल निवासी समर्थ सिंह अपराध दर्ज होने कं बाद से फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम बढ़ाकर 30 हजार कर दिया है। समर्थ की अग्रिम जमानत भोपाल की कोर्ट से निरस्त हो चुकी है। इसलिए गिरफ्तारी से बचने हाई कोर्ट की शरण ली गई है।
वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से तय हुआ था रिश्ता
दरअसल, 31 वर्षीय त्विषा शर्मा की दिसंबर, 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से शादी हुई थी। दोनों का रिश्ता वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से तय हुआ था। विवाह दिल्ली में संपन्न हुआ और इसके बाद ट्विशा अपने पति के साथ भोपाल में रहने लगी। कुछ दिन पहले वह अपने घर में फंदे से लटकी मिली थी। उस समय वह गर्भवती भी थी।
आत्महत्या नहीं की, उसे मारकर लटकाया गया
त्विषा के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, उसे मारकर लटकाया गया है। वहीं दूसरी ओर समर्थ व उसकी मां गिरिबाला सिंह, जो सेवानिवृत्त जिला जज हैं, का आरोप है कि ट्विशा नशीले पदार्थों का सेवन करती थीं और मानसिक रूप से अस्थिर थी। मानसिक स्थिति और कथित नशे की लत उन घटनाओं की वजह बनी, जिनका अंत मौत के रूप में हुआ।
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