नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। जिले के बेड़िया थाना क्षेत्र के ग्राम डुडगांव में खेत में मिले शव के मामले में पुलिस ने 10 दिन की गहन जांच के बाद हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के भतीजे और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर मृतक की उसके ही घर में गला दबाकर हत्या की थी और बाद में शव को खेत में फेंक दिया था।
पुलिस के अनुसार 23 अप्रैल 2026 को सूचना मिली थी कि डुडगांव में एक व्यक्ति का शव खेत में पड़ा है। मौके पर पहुंची टीम ने जांच शुरू की, जिसमें मृतक की पहचान ओमप्रकाश के रूप में हुई, जो खेत में बने घर में अकेला रहता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
इनकी ली गई मदद
एफएसएल, फिंगरप्रिंट, साइबर सेल और डॉग स्क्वाड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। जांच के दौरान सामने आया कि मृतक का अपने भतीजे रोहित से विवाद चल रहा था और गांव की एक महिला सरोज के साथ उसके संबंध भी थे। पुलिस ने संदेह के आधार पर भतीजे रोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने महिला सरोज के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार कर लिया।
परेशानी और विवाद बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि मृतक ओमप्रकाश महिला सरोज के साथ संबंधों को लेकर उसकी बदनामी करता था। वहीं वह शराब के नशे में भतीजे रोहित के साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था। घटना से दो दिन पहले भी विवाद हुआ था, जिससे दोनों आरोपियों में आक्रोश बढ़ गया।
घर में की हत्या, बदबू आने पर खेत में फेंका शव
घटना के दिन रोहित और सरोज ने मिलकर ओमप्रकाश का गला दबाकर हत्या कर दी और शव को घर में ही छोड़ दिया। दो दिन बाद जब शव से दुर्गंध आने लगी, तब साक्ष्य छुपाने के लिए दोनों ने शव को घर के पीछे स्थित अरबी के खेत में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी रोहित (22) और सरोज (45) निवासी डुडगांव को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत, थाना प्रभारी बेड़िया निरीक्षक रामेश्वर ठाकुर के नेतृत्व में उप निरीक्षक दिनेश भगोरे, हरिप्रसाद पाल, शीतल सिंघार सहित पुलिस टीम, साइबर सेल, एफएसएल, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वाड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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