मरीज ने कई निजी अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन बीमारी की जटिलता को देखते हुए उन्हें हर जगह से हायर सेंटर जाने की सलाह दी गई। …और पढ़ें

HighLights
- निजी अस्पतालों ने खड़े कर दिए थे हाथ
- मुरैना के 53 वर्षीय लक्ष्मीनारायण अब पूरी तरह स्वस्थ
- जल्द मिलेगी अस्पताल से छुट्टी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की एक संयुक्त टीम ने एक मरीज के शरीर से तीन पसलियों के साथ चिपकी हुई करीब दो किलो वजनी सरकोमा की गठान को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। कई निजी अस्पतालों द्वारा हाथ खड़े किए जाने के बाद सरकारी अस्पताल में एक तरह से यह जीवनदान मिला है। मुरैना निवासी 53 वर्षीय लक्ष्मीनारायण लंबे समय से अपने शरीर के दाएं हिस्से में एक बड़ी गठान से परेशान थे।
गठान ने तीन पसलियों को ले लिया था चपेट में
यह गठान इतनी गंभीर स्थिति में थी कि इसने तीन पसलियों को अपनी चपेट में ले लिया था और फेफड़े की बाहरी परत (प्ल्युरा) को भी पूरी तरह जकड़ लिया था। मरीज ने कई निजी अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन बीमारी की जटिलता को देखते हुए उन्हें हर जगह से हायर सेंटर जाने की सलाह दी गई। 6 मई को किए गए इस जटिल आपरेशन में डाक्टरों को करीब पांच घंटे का समय लगा।
सर्जरी विभाग के डा. अचल गुप्ता की देखरेख में डा. अनिल शर्मा ने पूरी गठान को तीन पसलियों सहित शरीर से अलग किया। पसलियों को निकालने के बाद बने गैप को कवर करने के लिए प्लास्टिक सर्जन डा.श्याम गुप्ता की मदद ली गई। इस सर्जरी में डा. अनिल शर्मा के साथ-साथ डा. विवेक, डा.रघु, डा. शिखर और सहित एनेस्थीसिया की टीम ने अहम भूमिका निभाई। आपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है। डा. अनिल शर्मा के अनुसार, लक्ष्मीनारायण अब बिल्कुल स्वस्थ हैं और उन्हें एक-दो दिन के भीतर अस्पताल से डिस्चार्ज कर जाएगा।
