ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते का आधार दोनों राज्यों की बिजली मांग का पूरक स्वरूप है। मध्य प्रदेश में अक्टूबर से मार्च तक रबी सीजन के…और पढ़ें

HighLights
- यूपी और एमपी के बीच बिजली को लेकर महत्वपूर्ण पहल
- 2000 मेगावाट को लेकर दोनों राज्यों के बीच समझौता
- विद्युत क्षेत्र में 14 करोड़ रुपए निवेश की संभावना
राज्य ब्यूरो नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने विद्युत संसाधनों के बेहतर उपयोग और बिजली खरीद लागत कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच लखनऊ में पूरक विद्युत खरीद और दीर्घकालिक फर्म पावर बैंकिंग व्यवस्था के लिए शुक्रवार को समझौता हुआ है।
इसके तहत दोनों राज्यों में 2000 मेगावाट पीक पावर क्षमता की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से खरीद शुरू करने पर सहमति बनी है। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते का आधार दोनों राज्यों की बिजली मांग का पूरक स्वरूप है। मध्य प्रदेश में अक्टूबर से मार्च तक रबी सीजन के दौरान कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग बढ़ जाती है।
बिजली संसाधनों का होगा बेहतर उपयोग
वहीं, उत्तर प्रदेश में मई से सितंबर के बीच गर्मी और खरीफ सीजन के कारण बिजली की जरूरत अधिक रहती है। इस अंतर का लाभ उठाते हुए एक राज्य में कम मांग के समय उपलब्ध अतिरिक्त बिजली दूसरे राज्य को उसकी अधिक मांग के समय उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे उपलब्ध बिजली संसाधनों और उत्पादन क्षमता का सालभर बेहतर उपयोग संभव होगा।
दोनों राज्यों ने 2000 मेगावाट पीक पावर क्षमता की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से खरीद की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति दी है। इसके साथ ही बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में करीब 14 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना है। नई विद्युत एवं ऊर्जा अधोसंरचना विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ने और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
