कोर्ट ने विभागीय आदेश रद्द करते हुए अपीलकर्ता को तीन दिन के भीतर प्रमुख सचिव के समक्ष नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नए निर्णय तक तबादला …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने कैंसर से पीड़ित शासकीय कर्मचारी के तबादले पर रोक लगाते हुए एकलपीठ का आदेश निरस्त कर दिया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव, पशुपालन व डेयरी विभाग को कर्मचारी के नए अभ्यावेदन पर 15 दिन के भीतर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल निवासी संजय कुमार भार्गव ने अधिवक्ता योगेश सिंह बघेल के माध्यम से अपील दायर कर बताया कि उनका तबादला भोपाल जिले के डिल्लोड से विदिशा जिले के कुरवाई कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि वे हाई-ग्रेड टेस्टिकुलर कैंसर से पीड़ित हैं व भोपाल में नियमित कीमोथेरेपी और अन्य उपचार चल रहा है। इसके बावजूद विभाग ने उनकी चिकित्सकीय स्थिति पर समुचित विचार नहीं किया।
सरकार की ओर से अधिवक्ता अभिषेक सिंह ने अपील का विरोध किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि यदि निजी चिकित्सकों की रिपोर्ट पर संदेह था तो विभाग को मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराना चाहिए था, लेकिन बिना पर्याप्त विचार के निर्णय लिया गया।
कोर्ट ने विभागीय आदेश रद्द करते हुए अपीलकर्ता को तीन दिन के भीतर प्रमुख सचिव के समक्ष नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नए निर्णय तक तबादला आदेश पर रोक रहेगी।
