नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। तिलवारा थाना क्षेत्र के ग्राम सकरी में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अवैध शराब की सूचना पर सादे कपड़ों में पहुंचे दो पुलिस जवानों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
जवान जैसे-तैसे ग्रामीणों से छूटकर तिलवारा थाने पहुंचा
एक जवान जैसे-तैसे ग्रामीणों से छूटकर तिलवारा थाने पहुंचा। इसके बाद भारी पुलिस बल गांव पहुंचा और दूसरे जवान को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया।
ग्रामीण थाना के सामने धरने पर बैठ गए
बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण तिलवारा थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया। ग्रामीण थाना के सामने धरने पर बैठ गए।
बिना अनुमति जांच के लिए जाने की भी जांच
करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर मामला शांत हुआ। पुलिस जवानों के बिना अनुमति जांच के लिए जाने की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया पर ग्रामीणों ने नजरअंदाज किया
तिलवारा थाने में पदस्थ हवलदार पृथ्वीराज और हवलदार राजेश परते ग्राम सकरी पहुंचे थे। दोनों सादे कपड़ों में थे। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों बिना किसी सूचना के एक घर में घुस गए और वहां धक्का-मुक्की की।
पकड़े जाने पर दोनों ने स्वयं को पुलिस कर्मी होना बताया
इससे ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने दोनों जवानों को पकड़ लिया। पकड़े जाने पर दोनों ने स्वयं को पुलिस कर्मी होना बताया, लेकिन ग्रामीणों ने नजरअंदाज किया।
सरपंच और ग्रामीणों से बातचीत कर छुड़ाया
हवलदार राजेश परते किसी तरह वहां से निकलकर थाने पहुंचे। घटना की जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल गांव भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने सरपंच और ग्रामीणों से बातचीत कर हवलदार पृथ्वीराज को सुरक्षित छुड़ाया।
बिना अनुमति गए, गंभीर आरोपों से घिरे
दोनों जवानों ने ग्राम सकरी जाने की जानकारी थाने के रोजनामचे में दर्ज नहीं कराई थी। उन्होंने मौके पर जाने से पूर्व किसी वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति भी नहीं ली थी।
थाना घेरा, अभद्रता का आरोप
जवानों को छुड़ाए जाने के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में तिलवारा थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और घेराव किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
अवैध शराब निर्माण और विक्रय
आरोप लगते रहे है कि ग्राम सकरी के कई घरों में लंबे समय से कच्ची शराब बनाने और बेचने का काम होता है। पूर्व में गांव से कच्ची शराब बेचने के लिए ले जाते हुए पकड़ा गया है।
सादे कपड़ों में कार्यवाही का पूरा मामला विवाद में बदला
इसी सूचना के आधार पर दोनों जवान गांव पहुंचे थे, लेकिन बिना औपचारिक सूचना और सादे कपड़ों में कार्यवाही करने के कारण पूरा मामला विवाद में बदल गया।
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