नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में मानसून पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां देखने को मिलीं। शाम साढ़े पांच बजे तक मंडला में सबसे अधिक 7 मिलीमीटर वर्षा हुई।
राजधानी भोपाल में शुक्रवार शाम लगभग चार बजे अचानक मौसम बदला और मध्यम वर्षा हुई। राजधानी में करीब 2 मिलीमीटर पानी गिरा। भोपाल के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बादलों ने राहत की बूंदें बरसाईं।
सक्रिय मौसमी प्रणालियों से मानसूनी गतिविधियों में तेजी के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस समय एक साथ कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं।
- मानसून ट्रफ: यह रेखा राज्य के गुना और सीधी से होती हुई सीधे बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
- चक्रवातीय दबाव: उत्तरी गांगेय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवातीय हवाओं का घेरा बना हुआ है।
- पश्चिमी विक्षोभ: जम्मू क्षेत्र के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि एक अन्य ट्रफ राजस्थान, हरियाणा और पंजाब होते हुए उत्तर भारत की तरफ फैली है।
इन बहुस्तरीय प्रणालियों के असर से आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में और तेजी आएगी, जिससे कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।
शाम साढ़े पांच बजे तक कहां कितनी हुई वर्षा
| शहर | वर्षा (मिलीमीटर में) |
| मंडला | 7.0 |
| छिंदवाड़ा व रतलाम | 5.0 |
| धार | 4.0 |
| राजगढ़ | 3.0 |
| गुना व इंदौर | 1.0 |
| उज्जैन | 1.0 |
| जबलपुर | 0.6 |
| दतिया | 0.4 |
| नर्मदापुरम | 0.2 |
प्रदेश के बड़े शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम (°C) | न्यूनतम (°C) |
| भोपाल | 29.4 | 23.2 |
| इंदौर | 29.9 | 22.4 |
| ग्वालियर | 33.5 | 25.4 |
| जबलपुर | 32.2 | 24.2 |
(नोट- तापमान डिग्री सेल्सियस में)
