नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून की वापसी तो हो चुकी है परंतु वैसी बारिश नहीं हो रही जैसी उम्मीद की जा ही थी। बारिश का नया दौर तो शुरू हुआ है परंतु बादल हौले-हौले ही बरस रहे हैं।
पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून जोर नहीं पकड़ पा रहा है
बंगाल की खाड़ी से लेकर उत्तर भारत, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड तक बारिश करने वाली मौसम प्रणालियां सक्रिय है लेकिन पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून जोर नहीं पकड़ पा रहा है।
जबलपुर सहित संभाग के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश
यही कारण है कि जबलपुर सहित संभाग के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश ही हो रही है। शनिवार को दिन भर बादल आते-जाते रहे और रात होते ही रिमझिम बरसने लगे।
तेज हवा के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार रीवा और मऊगंज में तेज हवा के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है। आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है।
बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। वहीं जबकि जबलपुर सहित डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर में कई जगह तेज हवा के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है।
कम बारिश खतरे की घंटी से कम नहीं
जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून की वापसी तो हो चुकी है परंतु वैसी बारिश नहीं हो रही जैसी उम्मीद की जा ही थी। हाल ये है कि मानसून की बेरुखी से इस बार 427 मिमी बारिश पिछड़ी हुई है। जो किसी खतरे की घंटी से कम नहीं।
मौसम विभाग के आंकड़ों में दर्ज बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो इस मानसून सीजन अब तक महज 198मिमी (7.8 इंच) ही बारिश हुई है। जबकि गत वर्ष आज के दिन तक 625.5 (24.6 इंच) बारिश हो चुकी थी।
अब तक महज 15 फीसद बारिश
427 मिमी (16.8 इंच) बारिश अब भी पिछड़ी हुई है। जबलपुर में औसतन 1300 मिमी यानि करीब 52 इंच बारिश होती है। इस लिहाज से 15 प्रतिशत ही बारिश हो पाई है।
तापमान भी 30 डिग्री के पार
बारिश न होने से तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। शनिवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री की बढ़त के साथ 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। तापमान में बढ़ोतरी से दिन में उमस भरी गर्मी महसूस की गई।
