19 साल पहले किसानों की जमीन अधिग्रहित कर मुआवजा बांट दिया गया, लेकिन ईटारोरा माइनर नहर का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका, अब नई डीपीआर तैयार होगी।

HighLights
- 19 साल बाद भी नहर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
- 24 किसानों की जमीन अधिग्रहित कर मुआवजा दिया गया।
- राजघाट परियोजना के तहत बननी थी ईटारोरा माइनर नहर।
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। किसानों की जमीन अधिग्रहित करने के बाद शासन ने भी मुआवजा दिया, लेकिन नहर का निर्माण अब तक नहीं किया जा सका। भांडेर अनुभाग में राजघाट परियोजना के तहत इस नहर का निर्माण होना था, लेकिन 19 साल बाद से प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में है।
ईटारोरा माइनर की मांग जनवरी 2002 से शुरू हुई थी। उस समय भारत कृषक समाज के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव की मांग पर तत्कालीन उप मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुभाष यादव ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर धनपीपरी माइनर को ईटारोरा तक बढ़ाने संबंधी निर्देश दिया था।
