जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में दिल के मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

HighLights
- कार्डियक सर्जरी विभाग में 20 और कार्डियोलॉजी विभाग में 15 नए बेड जोड़े जाएंगे
- अभी कार्डियक सर्जरी में 25 सामान्य और 5 आईसीयू बेड हैं
- वहीं कार्डियोलॉजी में 23 सामान्य और 10 आईसीयू बेड हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए विभिन्न विभागों के विस्तार की योजना पर काम शुरू हो गया है। पहले चरण में कार्डियक वेस्कुलर सर्जरी और कार्डियोलॉजी विभाग का विस्तार किया जाएगा। अस्पताल पर जबलपुर सहित 20 जिलों के मरीज उपचार के लिए निर्भर हैं।
हृदय रोग, यूरोलाजी और न्यूरो सर्जरी विभागों में लगातार बढ़ती मरीज संख्या के कारण अधिकांश समय बेड उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे नए मरीजों को भर्ती के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए बेड क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत कार्डियक वेस्कुलर सर्जरी विभाग में 20 अतिरिक्त बेड जोड़े जाएंगे।
वर्तमान में यहां 25 सामान्य और पांच आईसीयू बेड हैं तथा सालाना करीब 550 बायपास सर्जरी होती हैं। वहीं, कार्डियोलॉजी विभाग में 15 नए बेड जोड़ने का प्रस्ताव है। विभाग में अभी 23 सामान्य और 10 आईसीयू बेड हैं। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मरीजों का दबाव है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के समक्ष कार्डियक वेस्कुलर सर्जरी और काडियोलॉजी विभाग को विस्तार देने की मांग रखी है। ताकि, बेड, उपकरण और विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाई जा सके।
दो विभागों के विस्तार की योजना
- पहले चरण में कार्डियक वेस्कुलर सर्जरी व कार्डियोलॉजी का विस्तार।
- कार्डियक सर्जरी विभाग में 20 अतिरिक्त बेड प्रस्तावित।
- कार्डियोलॉजी विभाग में 15 नए बेड जोड़ने की तैयारी।
- बढ़ती मरीज संख्या के कारण बेड की कमी, भर्ती में करना पड़ता है इंतजार।
- कार्डियोलॉजी ओपीडी में हर सप्ताह औसतन 200 मरीज पहुंच रहे हैं।
सुपर स्पेशियलिटी में उपलब्ध सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज अंतर्गत सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, सीटीवीएस जैसे सुपर-स्पेशलाइज्ड विभाग काम कर रहे हैं। अस्पताल में अत्याधुनिक न्यूरो-आईसीयू, कार्डियक केयर यूनिट, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध हैं। यही कारण है कि शहर सहित दूरदराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार को आते हैं। उन्हें एक ही छत के नीचे सभी सुविधाओं मिल जाती हैं।
