जिला पंचायत CEO ने निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के केंद्रों पर अव्यवस्था मिलने और तय मीनू के अनुसार भोजन का रिकॉर्ड न होने पर संबंधितों…और पढ़ें

HighLights
- ग्वालियर में जिला पंचायत CEO का औचक निरीक्षण
- गैरहाजिर मिले स्टाफ पर गिरी गाज
- लोक सेवा केंद्र की होगी जांच
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सोजान सिंह रावत ने घाटीगांव, बरई, तिघरा सहित आसपास के ग्रामों का भ्रमण कर विभिन्न शासकीय संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगह व्यवस्थाओं में कमी सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए गए, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए।
सीईओ ने पशु चिकित्सालय, आयुर्वेद उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लोक सेवा केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्रों और निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आयुर्वेद उप स्वास्थ्य केंद्र में तीन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिला पंचायत सीईओ ने नाराजगी जताते हुए जिला आयुर्वेद अधिकारी को संबंधित कर्मचारियों का तीन-तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीं लोक सेवा केंद्र के निरीक्षण में उन्होंने सभी आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों की जांच कराने के निर्देश दिए।
आंगनवाड़ी केंद्रों में कम मिली बच्चों की उपस्थिति: आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में पंजीकृत बच्चों की तुलना में उपस्थिति कम मिली। इसके अलावा केंद्रों पर भोजन का सैंपल भी उपलब्ध नहीं था। इस पर सीईओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए महिला एवं बाल विकास अधिकारी को संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों से किया संवाद, मंदिर जीर्णोद्धार के लिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश: बरई ग्राम में सीईओ ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी। ग्रामीणों ने शासकीय मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग रखी। इस पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को मरम्मत कार्य का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए। पशु चिकित्सालय बरई और घाटीगांव में निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं मिलने पर संबंधित प्रभारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। तिघरा ग्राम में पशुपालकों से पशु टीकाकरण अभियान की प्रगति को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान पशुओं के टीकाकरण कार्य में ढिलाई सामने आने पर जिला पंचायत सीईओ ने उप संचालक, पशुपालन विभाग को संबंधित अधिकारी के विरुद्ध निलंबन प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
