गवाहों के बयान और जांच में सामने आया कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर खुले तार बिछाए गए थे, जिससे यह जानलेवा हादसा हुआ।

HighLights
- खेत में सरकारी डीपी से खींचे गए नंगे बिजली के तार की चपेट में आने से चरवाहे की मौके मौत
- पुलिस ने जांच के बाद किसान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है
- गवाहों के बयान और जांच में सामने आया कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर खुले तार बिछे थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, गुना। मधुसूदनगढ़ थानाक्षेत्र के ग्राम अगरपुरा में अटल ज्योति योजना की डीपी से लापरवाहीपूर्वक नंगे तार खींचकर खेत में मोटर चलाना एक बुजुर्ग चरवाहे के लिए काल बन गया। करंट की चपेट में आने से चरवाहे की मौके पर ही मौत हो गई थी।
मर्ग जांच के बाद पुलिस ने आरोपित किसान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
बयानों के आधार पर दर्ज हुआ केस
पुलिस के अनुसार कि बीती दो जुलाई को मृतक गनपत सिंह पुत्र धूरेलाल लोधी की मर्ग डायरी अग्रिम जांच के लिए प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने ग्राम अगरपुरा निवासी प्रत्यक्षदर्शी और गवाहों रंधीर सिंह लोधी, रामलखन लोधी, जगदीश लोधी, राजाराम लोधी और माखन लोधी के बयान दर्ज किए।
साक्ष्यों और परिजनों के बयानों से मालूम हुआ कि मृतक गनपत लोधी रोजाना की तरह अपनी भैंस और बकरियां चराने पार्वती नदी की तरफ गया था। इसी दौरान गांव के ही धनराज पुत्र सुंदरलाल केवट ने अपने खेत पर पानी की मोटर चलाने अटल ज्योति योजना की सरकारी डीपी से लापरवाहीपूर्वक बिजली के नंगे तार खींच रखे थे।
लापरवाही से हुआ हादसा
2 जुलाई की शाम करीब चार बजे जैसे ही गनपत सिंह वहां से निकला, नंगे तारों की चपेट में आकर करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मर्ग की संपूर्ण जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पाया कि यह हादसा सीधे तौर पर धनराज केवट की लापरवाही के कारण हुआ था।
प्रथम दृष्टया आरोपित के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने पर मधुसूदनगढ़ पुलिस ने आरोपित धनराज पुत्र सुंदरलाल केवट के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
