अतुल शुक्ला, नईदुनिया, जबलपुर। जिले के खनिज इतिहास में पहली बार टाइटेनियम और वेनेडियम जैसे उच्च मूल्य वाले खनिजों का भंडार मिलने से बड़ी संभावना बनी है।
विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी
मझौली क्षेत्र की पोंडा तहसील के ग्राम धनगवां और हरदुआखुर्द में करीब 289.80 हेक्टेयर क्षेत्र में खनिज संपदा मिलने के बाद प्रशासन ने इसे नए खनिज ब्लॉक के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ब्लॉक अधिसूचना जारी कर ई-नीलामी की जाएगी
अब जिला खनिज शाखा ने राजस्व विभाग से सीमांकन, खसरा अभिलेख और भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। अंतिम सत्यापन के बाद ब्लॉक अधिसूचना जारी कर ई-नीलामी की जाएगी।
यहां पहुंचेगा खनिज
खनिज विभाग के मुताबिक विज्ञानिक सर्वेक्षण में इस क्षेत्र में उच्च आर्थिक महत्व वाले खनिजों की उपलब्धता सामने आई है। इनमें टाइटेनियम का उपयोग एयरोस्पेस, रक्षा, चिकित्सा उपकरण और रासायनिक उद्योग में, वेनेडियम का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात एवं ऊर्जा भंडारण (बैटरी) उद्योग में, जबकि लेटराइट का उपयोग सीमेंट, निर्माण कार्य तथा खनिज प्रसंस्करण में किया जाता है।
औद्योगिक निवेश और खनन गतिविधियों को नई दिशा दे सकती
इन खनिजों की उपलब्धता भविष्य में औद्योगिक निवेश और खनन गतिविधियों को नई दिशा दे सकती है। इधर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नए खनिज ब्लॉक की नीलामी से राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, साथ ही खनिजों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी दोहन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
सीमेंट से लेकर रक्षा उद्योग तक उपयोग
अधिकारियों के मुताबिक टाइटेनियम का उपयोग एयरोस्पेस, रक्षा, चिकित्सा उपकरण और रासायनिक उद्योग में होता है, जबकि वेनेडियम उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात और बैटरी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। लेटराइट सीमेंट और निर्माण उद्योग का प्रमुख कच्चा माल माना जाता है।
औसतन करीब 100 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व प्राप्त होता है
जिले को वर्तमान में खनिज संपदा से औसतन करीब 100 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व प्राप्त होता है। नई खदानों के शुरू होने पर यह आंकड़ा 130 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
तथ्य एक नजर में
- स्थान: धनगवां एवं हरदुआखुर्द, पोंडा तहसील
- क्षेत्रफल: 289.80 हेक्टेयर
- प्रमुख खनिज: टाइटेनियम, वेनेडियम, एल्यूमिनस, लेटराइट
- सर्वे एजेंसी: जीएसआई (एक वर्ष पूर्व सर्वे)
- अगला चरण: सीमांकन, सत्यापन और ई-नीलामी
- संभावित राजस्व: 100 करोड़ से बढ़कर 130 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तक
- लाभ: रोजगार, निवेश और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा।
यह होगा बदलाव
- खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
- सीमेंट कंपनियों को स्थानीय कच्चा माल उपलब्ध होगा।
- राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- खनिजों का वैज्ञानिक और पारदर्शी दोहन सुनिश्चित होगा।
मझौली की पोंडा तहसील अंतर्गत धनगवां और हरदुआखुर्द क्षेत्र में करीब 289.80 हेक्टेयर भूमि पर टाइटेनियम, वेनेडियम, एल्यूमिनस और लेटराइट जैसे बहुमूल्य खनिजों का भंडार मिलने के बाद खनिज विभाग ने यहां नया खनिज ब्लॉक विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो गई है और राजस्व विभाग से दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई है। जिले में अब तक आयरन ओर, डोलोमाइट और बॉक्साइट जैसे खनिज मिलते रहे हैं, लेकिन टाइटेनियम और वेनेडियम का भंडार पहली बार मिला है।
अशोक राय, जिला खनिज अधिकारी
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