अगले कुछ दिन भाजपा और राष्ट्रीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम वाले माने जा रहे हैं। मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल से मध्य प्रदेश की राजनीति में…और पढ़ें

HighLights
- मोदी कैबिनेट में जल्द बड़े फेरबदल की आहट, एमपी के कोटे में होगा बदलाव
- वीडी शर्मा को दिल्ली में मिल सकती है बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी या मंत्री पद
- प्रदर्शन के आधार पर मंत्रियों की छुट्टी संभव, नए चेहरों को मिलेगा मौका
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। अगले कुछ दिन भाजपा और राष्ट्रीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम वाले माने जा रहे हैं। मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल से मध्य प्रदेश की राजनीति में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच मध्य प्रदेश से नए चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
मध्य प्रदेश से जातिगत समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और राज्यों के आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन स्तर पर कई प्रमुख चेहरों के नामों की चर्चा चल रही है।
एसटी-एससी वर्ग से नए चेहरों को मिल सकता है मौका
इनमें केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर और डॉ. वीरेंद्र कुमार के कमजोर प्रदर्शन के कारण विकल्प के तौर पर एसटी वर्ग से हिमाद्री सिंह और एससी वर्ग से संध्या राय में से किसी को मौका दिए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, डॉ. वीरेंद्र कुमार को राज्यपाल बनाया जा सकता है। सतना सांसद गणेश सिंह का नाम भी चर्चा में है, वह ओबीसी वर्ग से आते हैं।
इसी तरह, माना जा रहा है कि खजुराहो से लगातार दूसरी बार सांसद बने विष्णुदत्त शर्मा को केंद्र में बड़ी संगठनात्मक भूमिका (राष्ट्रीय महासचिव) या मंत्री का पद मिल सकता है। वह लंबे समय तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और एबीवीपी पृष्ठभूमि के होने के कारण उनकी संगठन पर मजबूत पकड़ है।
संगठन और मंत्रालय के प्रतिनिधित्व में बदलाव की तैयारी
केंद्र में राज्य के प्रतिनिधित्व में बदलाव का सीधा असर मंत्रालय से लेकर प्रदेश भाजपा संगठन तक में देखने को मिलेगा। इस फेरबदल के जरिए भाजपा मध्य प्रदेश में अगली पीढ़ी के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक अनुभव देना चाहती है। मध्य प्रदेश से शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. वीरेंद्र कुमार जैसे दिग्गज नेता पहले से ही मोदी कैबिनेट में हैं।
