मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित वेतन…और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों की लंबित वेतन समस्या के समाधान की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने दावा किया है कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत कई आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले पांच से छह माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
15 दिनों का अल्टीमेटम, मांगें पूरी न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी
संघ का कहना है कि यदि 15 दिनों के भीतर वेतन भुगतान, एरियर का निपटारा और वेतन व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं किया गया तो संगठन भूख हड़ताल और आमरण अनशन शुरू करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
संघ के अनुसार प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी सपोर्ट स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वार्ड आया, वार्ड बॉय, ऑक्सीजन टेक्नीशियन, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी और मल्टीस्किल्ड वर्कर सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।
वेतन भुगतान में भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच और न्यूनतम 26 हजार वेतन की मांग
संघ ने वेतन भुगतान में कथित भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी निजी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने, संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने तथा एक अप्रैल 2024 से लागू वेतन वृद्धि के अनुसार 11 माह का एरियर देने की मांग की है।
