यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर मानहानि परिवाद से जुड़ा है। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता…और पढ़ें

HighLights
- राहुल गांधी की याचिका पर फैसला सुरक्षित
- सौहार्दपूर्ण अंत की ओर मानहानि विवाद
- कार्तिकेय ने राहुल को माफ करने की इच्छा जताई
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने भोपाल की एमपी-एमएलए विशेष अदालत से जारी समन आदेश को चुनौती दी है। कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रखने की व्यवस्था दी।
दरअसल, यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर मानहानि परिवाद से जुड़ा है। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अधिवक्ता अजय गुप्ता ने पक्ष रखा। वहीं कार्तिकेय चौहान की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर, सिद्धांत कोचर व अमन डाबरा उपस्थित हुए।
राहुल ने खेद भी व्यक्त किया था
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान में उनका आशय छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह से था, लेकिन भ्रमवश कार्तिकेय चौहान का नाम आ गया। इस पर उन्होंने खेद भी व्यक्त किया।
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कार्तिकेय चौहान ने राहुल गांधी को क्षमा करने की जताई इच्छा
दूसरी ओर कार्तिकेय चौहान ने भी राहुल गांधी के खेद पत्र पर विचार करने के बाद उन्हें क्षमा करने और विवाद समाप्त करने की इच्छा जताई। दोनों पक्षों के इस रुख से मामले के सौहार्दपूर्ण समाधान का रास्ता खुल गया है। अब निगाहें हाई कोर्ट के आदेश पर हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि समन कार्यवाही यथावत रहेगी या राहुल गांधी को उससे राहत मिलेगी।
