इसी प्रकरण में विशेष अदालत ने बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था…और पढ़ें

HighLights
- कोर्ट से खारिज याचिका पुनः बहाल, मानहानि प्रकरण में अंतरिम संरक्षण जारी है।
- इसी प्रकरण में विशेष अदालत ने बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
- इस आदेश को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ से तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी पूर्व में खारिज हो चुकी याचिका को पुनः बहाल करते हुए उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन पर लगी रोक को यथावत रखने के आदेश दिए हैं।
मामला भोपाल की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर मानहानि परिवाद से जुड़ा है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि नवंबर, 2020 में कोलकाता की एक सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय को गुंडा कहा था, जिससे उनकी एवं उनके परिवार की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
इसी प्रकरण में विशेष अदालत ने बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्हें अंतरिम राहत भी मिली, लेकिन अधिवक्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण 17 जून, 2026 को याचिका खारिज कर दी गई थी और अंतरिम संरक्षण समाप्त हो गया था।
बाद में दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों एवं परिस्थितियों पर विचार किया। कोर्ट ने याचिका को पुनः बहाल करने की अनुमति देते हुए गिरफ्तारी वारंट के अमल पर लगी रोक को भी जारी रखा है। इससे सांसद बनर्जी को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिल गई है।
