कार्यपालन यंत्री बोले- यह मटेरियल डी-शटरिंग के दौरान सतह पर चिपका रह जाता है। न तो यह तकनीकी खामी है और न ही इससे फ्लाईओवर के मूल स्ट्रक्चर को किसी प् …और पढ़ें

HighLights
- क्रांकीट के टुकड़े गिरने के वीडियो प्रसारित
- आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंच गए
- राहगीरों में अफरा-तफरी, हरकत में लोनिवि
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर के सबसे लंबे मदनमहल- दमोहनाका फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने वाले राहगीरों में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब फ्लाईओवर से क्रांकीट के टुकड़े भरभरा कर गिरने लगे। कुछ देर के लिए राहगीर, वाहन चालक जहां के तहां ठिठक कर खड़े हो गए।
क्रांकीट का गिरना जारी रहा
कुछ लोगों ने इसका वीडिया बनाकर इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित कर दिया। फ्लाईओवर से क्रांकीट के टुकड़े गिरने के प्रसारित वीडियो से लोक निर्माण विभाग में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंच गए और निरीक्षण के बाद मरम्मत कार्य आरंभ करवा दिया। वहीं इस पर सफाई देते भी दिखे।
मूल स्ट्रक्चर को किसी प्रकार नुकसान नहीं
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि वायरल वीडियो में दिख रहा मटेरियल फ्लाईओवर के मूल स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं है। यह बॉक्स सेगमेंट एवं डेक स्लैब के ज्वाइंट का “स्लरी” वाला भाग है। यह मटेरियल डी-शटरिंग के दौरान सतह पर चिपका रह जाता है। वही गिरा है। इससे फ्लाईओवर के मूल स्ट्रक्चर को किसी प्रकार नुकसान नहीं हुआ है।

रानीताल-मदमहल स्टेशन मार्ग के पास गिरे टुकड़े
बताया जाता है कि मदनमहल-दमोहनाका फ्लाईओवर के जिस हिस्से में क्रांकीट के कुछ टुकड़े गिर है वह रानीताल से मदनमहल स्टेशन के बीच है। सेगमेंट एवं डेक स्लैब के ज्वाइंट के इस हिस्से के टुकड़े जमीन गिरे। इस दौरान नीचे से गुजर रहे लोग, ठेला, रिक्शा चालक सहित अन्य राहगीर बच-बचकर निकलते रहे।
लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए राहगीरों को तुरंत हटाया
राहत की बात यह रही कि आसपास मौजूद लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए राहगीरों को तुरंत हटाया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बहरहाल क्रांकीट के टुकड़े हो या स्लरी परंतु फ्लाईओवर की निगरानी पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं। विदित हो इसके पहले भी मदनमदन चौक की तरफ निर्माण कार्य के दौरान इसी तरह टुकड़े गिरने की घटना हो चुकी है।
1052 करोड़ से बना है फ्लाईओवर
- 07 किमी है लंबाई
- 23 अगस्त 2025 को हुआ था उद्घाटन
वायरल वीडियो में दिख रहा मटेरियल फ्लाईओवर के मूल स्ट्रक्चर का हिस्सा नहीं है। यह बाक्स सेगमेंट एवं डेक स्लैब के ज्वाइंट का “स्लरी” वाला भाग है। टेम्प्रेचर वेरिएशन के कारण कई बार यह चिपिंग मटेरियल सतह से निकल जाता है, जैसा कि वीडियो में प्रदर्शित हो रहा है। कांट्रेक्टर को इस चिपिंग मटेरियल को निकालने के निर्देश दे दिए गये हैं और कार्य प्रारंभ भी कर दिया गया है।
शिवेंद्र सिंह, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग
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