मोबाइल में शॉर्ट सर्किट और आग की एक मामूली अफवाह ने ऐसा तांडव मचाया कि एक बेबस पिता की आंखों के सामने ही उसकी पत्नी और मासूम बेटा मौत के मुंह में समा …और पढ़ें

HighLights
- मुरैना के हेतमपुर स्टेशन के पास ट्रेन हादसा
- चीख-पुकार, चेन पुलिंग और वो खौफनाक मंजर
- पीड़ित पिता ने बयां किया आंखों देखा दर्द
नईदुनिया प्रतिनधि, मुरैना। मुरैना के हेतमपुर स्टेशन के पास रविवार दोपहर 4:15 बजे एक खौफनाक हादसा हुआ, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया। मोबाइल में शॉर्ट सर्किट और आग की एक मामूली अफवाह ने ऐसा तांडव मचाया कि एक बेबस पिता की आंखों के सामने ही उसकी पत्नी और मासूम बेटा मौत के मुंह में समा गए।
नदीप को ढ़ांढस बंधाते एसपी धर्मराज मीना और दूसरे चित्र में शव के पास बैठा गमहीन नदीम। नईदुनिया
… आंखों के सामने खो दिया पत्नी और दूसरा बेटा
हादसे में पत्नी और बेटे को खोने वाले आगरा निवासी नदीम ने बताया कि वह छतरपुर से परिवार के साथ घर लौट रहा था। कोच पूरी तरह यात्रियों से भरा था, इसी दौरान एक बच्चा मोबाइल पर कुछ देख रहा था, मोबाइल में संभवत: शार्ट सर्किट जैसी आवाज के बाद आग की अफवाह उड़ी और सभी यात्री घबरा गए।
घटना स्थल पर विलाप करते मृतका शकुंतला की बेटियां व स्वजन। नईदुनिया
ट्रैक पर खड़ी मौसी हादसे की हो गई शिकार
किसी ने चेन पुलिंग की, इसके बाद वह परिवार को लेकर नीचे कूदा पत्नी बेटे को बाहर उतारने के बाद दूसरे बेटे रिजवान को बोगी से उतारने चढ़ा ही था कि आंखों के सामने पातालकोट से पत्नी, बेटे कट गए। अन्य मृतका शकुंतला के भतीजे हंसराज ने बताया कि मौसी के साथ बागेश्वर धाम से लौट रहा था, ट्रेन से उतरने के बाद बैग गिर गया उसे उठाने गया तभी ट्रैक पर खड़ी मौसी हादसे का शिकार हो गईं।
पातालकोट एक्स.की चपेट में आने से 4 की हुई मौत
बता दें, रविवार को मुरैना धौलपुर के बीच हेतमपुर स्टेशन के पास रविवार दोपहर उदयपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्री के मोबाइल में शार्ट सर्किट की आवाज के बाद आग की अफवाह फैल गई। लगभग 120 यात्रियों से भरे जनरल कोच में अफरातफरी के बीच किसी ने चेन खींची। कई यात्री कूदकर बाहर निकले व दूसरे ट्रैक व आसपास खड़े हो गए।
इसी दौरान आगरा से मुरैना की ओर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं, एक बच्चे की मौत हो गई। इनमें तीन आगरा के हैं। जिस जगह हादसा हुआ, वहां धौलपुर की ओर से आते समय अंधा मोड़ है, ऐसे में घबराकर ट्रेन से उतरे यात्रियों को अचानक सामने आई पातालकोट एक्सप्रेस के सामने से हटने का मौका ही नहीं मिला।
