राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध जल्द ही हटने वाला है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों से पूछा कि तबादला नीति का क्या हुआ? इसे जल्द लाएं। मुख्यमंत्री के इतना कहते ही खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत बोले कि यह तो उलटी गंगा बह रही है।
दरअसल, तबादले पर रोक हटाने की मांग मंत्रीगण करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने यह बात रखी तो मंत्रियों को संतोष हुआ कि मुख्यमंत्री ने उनके मन की बात उनके बोले बिना ही सुन ली।
फिलहाल तय किया गया है कि अगली कैबिनेट की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तबादला नीति 2026 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रशासनिक आधार पर तो तबादले होते ही हैं, स्वैच्छिक तबादलों पर भी ध्यान दिया जाए।
दरअसल, पति-पत्नी या स्वजन की गंभीर बीमारी समेत अन्य कारणों से कर्मचारी स्वैच्छिक तबादले मांगते हैं। यह सीमा से अधिक होना चाहिए। इस पर अधिक ध्यान दिया जाए। उधर, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार जिले के भीतर तबादले प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से होंगे।
प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद होंगे। इसकी सूची विभागीय मंत्री के अनुमोदन से ही आगे बढ़ेगी। तबादला आदेश ऑनलाइन जारी होंगे और अनुसूचित क्षेत्रों में कार्यमुक्ति उसी स्थिति में की जाएगी, जब वहां दूसरा कर्मचारी या अधिकारी कार्यभार ग्रहण कर ले।
जिला स्तरीय समितियों में नियुक्ति के लिए मंत्रियों को फ्री-हैंड- आयोग और प्राधिकरण में नियुक्तियों के बाद अब 31 विभागों की जिला स्तरीय समितियों में नियुक्तियां होंगी।
इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभारी मंत्रियों को फ्री-हैंड दिया है। अनौपचारिक चर्चा में उन्होंने कहा कि जिन समितियों में नियुक्ति का अधिकार प्रभारी मंत्रियों को है, वे 15 दिन में इस प्रक्रिया को पूरी करें। इसके लिए स्थानीय विधायक, पार्टी संगठन के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाए।
जिन समितियों में राज्य स्तर से नियुक्तियां होनी हैं, उसके प्रस्ताव तैयार करके दिए जाएं ताकि आगे की कार्रवाई की जाए।
झालमुड़ी खाने के बाद शुरू हुई कैबिनेट की बैठक
बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत पर कैबिनेट की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को झालमुड़ी खिलाई। उन्होंने कहा कि बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के नतीजे भारतीय राजनीति के इतिहास मे दर्ज हो गए। इसका श्रेय पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जाता है। यह ऐतिहासिक जीत बंगाल के कार्यकर्ताओं के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है।
