जांच एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी ने दूध से प्राकृतिक फैट निकालकर उसकी जगह पाम आयल व अन्य पदार्थों का उपयोग किया तथा तैयार उत्पादों को घरेलू और अंतरर …और पढ़ें

HighLights
- शासन की ओर से जमानत का विरोध किया गया
- किशन मोदी को 13 मार्च, 2026 को गिरफ्तार किया था
- गायत्री फूड्स मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत डेयरी उत्पाद बनाती है
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने नकली डेयरी उत्पादों के निर्माण और बिक्री के आरोप के मामले में गिरफ्तार गायत्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर किशन मोदी की जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी कर ली है। इसी के साथ आदेश सुरक्षित कर लिया है। कोर्ट ने उभयपक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह कदम उठाया।
जमानत का विरोध किया गया
राज्य शासन की ओर से जमानत का विरोध किया गया। दरअसल, गायत्री फूड्स मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत डेयरी उत्पाद बनाती है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कंपनी ने दूध से प्राकृतिक फैट निकालकर उसकी जगह पाम आयल व अन्य पदार्थों का उपयोग किया तथा तैयार उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा।
लगभग 20 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई
ईडी की जांच में दावा किया गया है कि इस कथित कारोबार से लगभग 20 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई। किशन मोदी को 13 मार्च, 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
यह मामला एकलपीठ के समक्ष था
सुनवाई के दौरान किशन मोदी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे व प्रियंकुश जैन ने पक्ष रखा, जबकि ईडी की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह उपस्थित हुए। बॉक्स…उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह मामला न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष था।
स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया था
न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया था। जिसके बाद मामला न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ को सौंपा गया था।
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